सुप्रीम कोर्ट- आर्टिकल 35 ए को चुनौती देने वाली याचिका पर 3 महीने बाद होगी सुनावाई

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नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35 ए को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होनी थी जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने के लिए टाल दिया अब ये सुनवाई 3 महीने बाद होगी. दिल्ली के एक एनजीओ वी इ सिटीजन सी की तरफ से साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35 ए को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर कि गई थी इस याचिका में कहा गया का आर्टिकल 35ए संविधान के साथ एक तरह का धोखा है इस कानून को देश की संसद पर कभी नही रखा गया और इसे सीधे संविधान का हिस्सा कहा गया.

आर्टिकल 35 ए जम्मू-कश्मीर के लोगों का विशेष अधिकार देता है और इसके साथ हो इस आर्टिकल के चलते वो अपने राज्य के लिए बिना केन्द्र को जानकारी में लिए किसी भी तरह का कानून बना सकता है, जिसका की देश के अलगाववादियों में भरपूर रूप से इस्तेमाल किया है. इस कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिका डाली गई है जिसे बाद में कोर्ट में एक ही याचिका के रूप में मर्ज कर दिया और इस याचिका की सुनवाई चीफ जस्टीस दीपक मिश्रा की खंडपीठ के जरिए होनी है.

ये मुद्दा केन्द्र में आने के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गर्मी आ गई है और मुख्य अलवादवादी पार्टी हुरियत इसके बाद काफी तिलमिलाई हुई है. हुरियत से नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवायज उमर फारूख और मोहम्मद यासिन मलिका द्वारा कहा गया है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इस धारा में किसी तरह का बदलाव किया जाता है वो जम्मू-कश्मीर में जनआंदोलन तेज कर इसका विरोध किया जाएगा और साथ ही कहा की इस तरह का कोई भी बदलाव जम्मू-कश्मीर को लोगों को मिले विशेष अधिकारों का चुनौती देता है. 

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