केंद्र सरकार नें रोहिंग्या मुस्लिमों का बताया देश के लिए घातक, सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

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पूरे भारत में इन दिनों रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर चल रही बहस जोरों पर है, एक तरफ देश के लिब्रल वर्ग कहता है कि अपनी जमीन से मार कर भगाये गए रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत जैसे बडे देश में जगह दी जानी चाहिए क्योकि उनके अपने ही देश म्यांमार में उनके खिलाफ अपने देश में एक मिल्ट्री आपरेशन छेड रखा है और वो भारत में बाग्लादेश के बाॅर्डर इलाको में पहुंच रहे है. 

दूसरी तरफ एक दूसरा वर्ग ये मानता है कि रोहिंग्या मुस्लिमों देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बढा खतरा साबित हो सकते है क्योकि दुनिया के कई मुल्कों में ये हो रहा है. यूरोप के कई देश इस तरह से आंतकवाद की चपेट में आ चुके है और वहां पर रह रहा कर आत्मघाती हमले और आतंकी घटनाए हो रही है. इस लिए भारत को भी इससे सबक सीखते हुए रोहिंग्या मुस्लिमों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए.

देश में चल रही इसी बहस के बीच केन्द्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दायर करके रोहिंग्यों पर अपना स्टैड ले लिया है सरकार के 16 पेज के हलफनामें में रोहिग्यां मुस्लिमों को देश की अंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है और कहा है कि इस बात के सबूत मिले है कि रोहिंग्या मुस्लिमों के तार पाकिस्तान स्थित आईएसआई से जुडे हुए है और भारत के लिए घातक साबित हो सकते हैं.

इसके आलावा सरकार ने दलील दी है की कुछ रोहिंग्यों को भारत विरोधी गतिविधियों में भी शामिल रह चुके है जैसे की भारत में घुसने के लिए जाली कागजात तैयार करवाना,हवाला के जरिए पैसों का गलत इस्तेमाल करना जैसे अपराध शामिल हैं.

 

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