हम किसी भी दबाव के आगे नही झुकेंगे- आंग सांग सू की

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म्यांमार, दुनिया में इन दिनों रोहिंग्या संकट पर जब कर बहस हो रही है, इस बहस में एक तरफ देश की सेक्युलर ताकते और मानवआधिकारों से जुडे हुए लोग हैं तो दूसरी तरफ हो लोग है जो रोहिंग्यों को देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए संकट बता रहे है. भारत सरकार से इस विषय पर कल सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने हलफनामें से अपना स्टैंड साफ कर दिया है. इस हलफनामे का सीधा-सीधा मतलब है कि भारत में रोहिंग्यों के लिए दरवाजे बंद है इससे पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान ने भी इस बारें में अपने हाथ खडे कर दिए है जब की दोनों ही खुद को इस्लामिक राष्ट्र होने का दावा करते हैं.

म्यांमार की सबसे बडी नेता और नोबेल शांति पुरूस्कार से सम्मानित आंग साग सू की ने कहा की जो रोहिंग्या म्यांमार में वापस आना चाहते है उसके लिए जल्द की दोबारा वेरिफिकेट के लिए कैम्प लगाए जाएंगे, रोहिंग्या मुस्लिम आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे है और उन्होनें म्यांमार का काफी नुक्सान किया है. हम ने उन्हे अपने यहां जगह दी पर वो हमारा ही नुकसान करने लगे, उन्हें म्यांमार में आतंकी हमले करवाए. हमारी सरकार किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नही है.

इसके साथ ही सुकी ने कहा की म्यांमार सरकार रोहिंग्या संकट का हल निकालने और शांति प्रक्रिया के लिए हर सम्भव कोशिक कर रही है पर उसके अलावा उनकी सरकार किसी भी तरह के सुरक्षा संकट और आंतकवाद से पूरी तरह से निपटने के लिए तैयार हैं. 

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