#Doklam- डोकलाम विवाद पर भारत की बढी कूटनीतिक जीत, दोनों देश सेना हटाने को तैयार

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नई दिल्ली, लगभग तीन महीने से चले आ रहे डोकलाम विवाद को लेकर भारत और चीन दोनों देशों नें डोकलाम से अपनी सेना पीछे हटाने को तैयार हो गए हैं, आज के करीब तीन महीने पहले भारत, भूटान और चीन बार्डर पर डोकलाम प्लैट्यू के पास चीनी सैनिकों ने सडक का निर्माण शुरू कर दिया था, भूटान ने इस अपनी सीमा में चीनी सेना का दखल कहते भारत से मदद के लिए कहा, भारत ने इसे अपने यहां की सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती के रूप में लेते हुए चीनी सेना को इलाके में सडक निर्माण करने से रोक दिया. और इसके बाद चीन और भारत के जवान आमने-सामने आ गए.

चीन के कई बार राजनैतिक और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए भारत पर दबाब बनाने की कोशिश की, चीन ने बार्डर से लगे अपने कुछ इलाकों में युध्द का अभ्यास तक शुरू कर दिया और अपने यहां के नेशनल टीवी नेटवर्क पर इस अभ्यास की तस्वीरे दिखाई. इसके अलावा चीनी सेना नें लद्दाख के इलाकों में भारतीय जवानों के साथ पत्थरबाजी की जिसका सेना ने जवाब भी दिया.

तमाम राजनैतिक और कूटनैतिक दबावों के बाद भी चीनी की तरह का भारत पर असर ना होता देख इस नफानुकसान को समझ गए की भारत की दुनिया में अब स्थिति पहले जैसी नही है, और युध्द की स्थिति में भारतीय सेना चीन को मुहंतोड जबाब देने में कोई कसर नही छोडेगी, इसके अलावा युध्ध की स्थिति में चीन नें आज जो अर्थिक रफ्तार दुनिया में पकडी है वो पूरी तरह से बंद तो जाएगी. इस सब बातों को सोचते हुए चीन नें भारत के साथ मिलकर सेना को डोकलाम से हटाने का फैसला किया है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कुछ दिनों के बाद ब्रिक्स देशों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन जाना है, प्रधानमंत्री की चीन यात्रा को देखते हुए चीनी सरकार की तरफ से लिए गए इस फैसले का दोनों ही देशों नें स्वागत किया है.

भारत सरकार के विदेशमंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी करते हुए कहा गया है कि भारत और चीन डोकलाम विवाद को सुलझाने के लिए काफी वक्त से बातचीत कर रहे है और इस बातचीत में चीन और भारत दोनों की देश डोकलाम से अपनी सेना पीछे हटाने को तैयार हो गई हैं. अब धीरे-धीरे चीन और भारत दोनों देशों ने अपनी सेना को बाॅर्डर से हटाना शुरू कर दिया है. 

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