गोरखपुर में बच्चों की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी : अजाद

Gorakhpur: A Congress delegation led by senior leader Ghulam Nabi Azad and Uttar Pradesh Congress Committee (UPCC) chief Raj Babbar visit the Baba Raghav Das Medical College Hospital in Gorakhpur on Aug 12, 2017. 60 children died in the past five days at BRDMC Hospital. (Photo: IANS)

गोरखपुर, 12 अगस्त । गोरखपुर के बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई 60 से ज्यादा बच्चों की मौतों के मामले में शनिवार सुबह गोरखपुर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, आर.पी.एन. सिंह और प्रमोद तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है। आजाद ने कहा कि अस्पताल में बच्चों की मौत सिर्फ ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दौरे पर पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल कॉलेज में मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस हृदय विदारक घटना के लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।

आजाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “ये मौत नहीं हत्या है और सरकार को इसके लिए बिना शर्त देश, बच्चों के माता-पिता और जनता से माफी मांगनी चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री 48 घंटे पूर्व ही गोरखपुर आए थे और मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। बच्चों की मौत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है और इसकी जिम्मेदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेनी होगी।”

उन्होंने कहा, “सरकार कह रही है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। मैं कहता हूं कि बच्चों की मौत के पीछे सौ प्रतिशत वजह ऑक्सीजन की कमी रही है, जिसके लिए सरकार और उनके मंत्री जिम्मेदार हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव सहित सभी जिम्मेदार लोगों को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा, “जब मैं स्वास्थ मंत्री था तो सबसे ज्यादा धन मैंने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को ही दिया है। संप्रग शासनकाल में मैंने खुद न सिर्फ कई बार मेडिकल कॉलेज का दौरा किया, बल्कि कई सौ करोड़ रुपये भी दिए। लेकिन उप्र में गैर कांग्रेसी सरकार होने के कारण केंद्र से जो भी धन दिया गया, उसका सही व समुचित उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण तमाम तरह की बीमारियों से मरने वाले बच्चों एवं मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।”

उन्होंने कहा, “सिर्फ मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं चिकित्सकों के ऊपर जिम्मेदारी डालकर सरकार बच नहीं सकती, क्योंकि जितने संसाधन उन्हें दिए जाते हैं उतने में ही उन्हें काम करना पड़ता है। यह बात प्रशासनिक तौर पर भी साबित हो गई है कि गैस एजेंसी का 70 लाख रुपया बकाया था, जिसकी वजह से आक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई।”

आजाद ने कहा, “बच्चों की मौत मामले में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने सारी रिपोर्ट आधिकारियों को सौंप दी थी। यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता है। सरकार कह रही है कि मामले की जांच होगी। हमें पता है कि मामले की जांच कैसे होती है और यह जिला स्तर की जांच है।”

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