स्वामी विवेकानंद का शिकागों में दिया गया भाषण,दुनिया को दिखाया रास्ता

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Video Credit :YouTube and The Light Swami Vivekananda 

हमारा देश आज एक ऐसे वक्त से गुजर रहा है जिस हमारे समाज से झूठ के नाम पर अपनी अपनी धर्म की दुकान चलाने वालों की दुकानें बंद होती जा रही हैं, समाज में धर्म के मूल स्वरूप को लेकर ही एक बहस हो रही है कि क्या धर्म हमारे लिए इतना जरूरी है. धर्म के नाम पर राजनीति और बाबाओं का एक ऐसा जाल बुना जा चुका है कि जिसके दम पर हमारे नेता सत्ता की मलाई चाट रहें है और बाबा लोग बलात्कार जैसा घिनौना खेल खेल करें हैं.

दुनिया को एक वक्त पर धर्म और सच्चाई का मार्ग दिखाने वाला भारत देश और उसका समाज एक तरह की कंफ्यूजन की स्थिति में है कि वो धर्म की नए सिरे से परिभाषा लिखना चाहता हैं. ऐसे वक्त में देश में आज से 125 साल पहले पश्चिम के देशों को भारत के एक युवा संत में भारतीय धर्म और दर्शन का पाठ पढाया.

धर्म के नाम पर दुनिया के देशों में चल रही गला काट प्रतियोगिता में रह धर्म खुद को दूसरों से बेहतर और दिखाना और बताना चाहता है, धर्म इस बात की गारंटी लेने को तैयार है कि उनके बताए मार्ग पर ही चल कर स्वर्ग तक पहुंचा जा सकता है और दूसरे का मार्ग केवल नर्क का रास्ता है.

स्वामी जी ने शिकागों भाषण के दौरान कहा की भारतीय दर्शन में हो ताकत है कि पृथ्वी पर मनुष्यों के द्वारा हुए अत्याचार के वक्त पर भारत ही एक ऐसा देश है जिसने दुनिया में लोगों को अपने यहां पनाह उनका धर्म पूछ कर नही दी. दुनियाभर भर यहूदीयों पर हो रहे अत्याचार के उस दौर में भारत ही वो देश है जिसने यहूदीयों को अपने यहा बसने और जीने की इजाजत किसी भी तरह की धर्मिक पाबंदी लगाए बिना दी.

स्वामी जी नें अपनी कई व्याख्यानों में कहा था कि मेरे देश के युवाओ का गीता पढने से ज्यादा फुटबाॅल खेलने पर जोर देना चाहिए क्योकि आप गीता को जब बेहतर तरीके से समझपाओ जब आप की भुजाओं में ताकत होगी, ये मै बढी बात कह रहा हूं क्योकि मै आपसे प्यार करता हूं.

आपको अपने बच्चों के साथ शिकागों में आज के दिन दिए गए स्वामी जी के इस भाषण को सुनना चाहिए, ताकि आप समझ पाएंगे की धर्म का अर्थ मनोरंजन या हंगामा नही रास्ता दिखाना हैं.

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प्रधानमंत्री का स्वामी विवेकानंद पर दिए गए एक भाषण का अंश

 

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